कभी आपने notice किया है कि कुछ पुरुष बेहद handsome या muscular होने के बावजूद किसी महिला के दिल में जगह नहीं बना पाते… जबकि कोई साधारण-सा इंसान अपनी personality और व्यवहार से उसे बार-बार अपने बारे में सोचने पर मजबूर कर देता है? आकर्षण सिर्फ चेहरे या शरीर का खेल नहीं है। असली attraction उस feeling से पैदा होता है जो किसी इंसान के साथ रहने पर महसूस होती है। 1. उसे genuinely desired महसूस कराना किसी महिला को सिर्फ यह महसूस कराना कि वह खूबसूरत है, काफी नहीं होता। जब आप उसकी personality, उसकी आवाज़, उसकी छोटी आदतों या उसके confidence को notice करते हैं, तो attraction कहीं ज्यादा personal हो जाता है। एक sincere compliment, सही समय पर कही गई बात और थोड़ी-सी romantic tension—ये छोटी चीज़ें connection को बहुत गहरा बना सकती हैं। 2. Confidence, लेकिन arrogance नहीं Confidence आकर्षक होता है क्योंकि उसमें insecurity कम और self-respect ज्यादा दिखाई देती है। अपनी बात स्पष्ट कहना, अपनी जिंदगी के goals होना और हर समय validation के पीछे न भागना किसी व्यक्ति की personality को naturally magnetic बना सकता...
"पुरुष एक दिन में कमज़ोर नहीं बनता। वह हर दिन अपनी छोटी-छोटी बुरी आदतों से धीरे-धीरे अपनी ताकत खोता है... और जब उसे एहसास होता है, तब तक उसके सपने उससे बहुत दूर जा चुके होते हैं।"
"अगर एक आदमी अपने मन पर जीत नहीं पा सकता, तो दुनिया जीतने का सपना भी बेकार है।" आज मुझे सबसे ज़्यादा डर किसी दुश्मन से नहीं लगता... डर इस बात का लगता है कि हमारी पूरी पीढ़ी धीरे-धीरे **अंदर से कमज़ोर** होती जा रही है। शरीर से नहीं... **इरादों से।** आज बहुत से लड़कों का दिन मोबाइल से शुरू होता है और मोबाइल पर ही खत्म हो जाता है। थोड़ी-सी परेशानी आई नहीं कि हिम्मत टूट जाती है। थोड़ा-सा रिजेक्शन मिला नहीं कि आत्मविश्वास खत्म हो जाता है। थोड़ा-सा अकेलापन मिला नहीं कि इंसान गलत आदतों का गुलाम बन जाता है। फिर कहते हैं कि किस्मत खराब है... नहीं। **जिस दिन आदमी अपने मन का गुलाम बन जाता है, उसी दिन उसकी असली ताकत खत्म होने लगती है।** मेरे लिए मर्दानगी का मतलब किसी पर हुकूमत करना नहीं है। मर्दानगी का मतलब है— जब कोई साथ न दे, तब भी अपने रास्ते पर चलते रहना। जब मन हार मानने को कहे, तब भी खुद को उठाकर खड़ा कर देना। अपने माँ-बाप का सहारा बनना। अपने वादे की कीमत समझना। और हर दिन कल से बेहतर इंसान बनने की कोशिश करना। अगर सच में खुद को बदलना चाहते हो तो— किताबों से दोस्ती करो। रोज़ पसीना ब...